
लक्सर (सुमित सैनी)। पशुधन की सुरक्षा और किसानों की आर्थिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को राजकीय पशु चिकित्सालय लक्सर में खुरपका-मुंहपका (FMD) टीकाकरण एवं कृत्रिम गर्भाधान से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी, एआईटी कार्यकर्ता और टीकाकरण से जुड़े सभी कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत खुरपका-मुंहपका बीमारी के आठवें चरण के टीकाकरण अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि यह अभियान 2 अप्रैल से शुरू होकर 45 दिनों तक चलेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि इस दौरान क्षेत्र के सभी गोवंशीय (गाय) एवं महीषवंशीय (भैंस) पशुओं का टीकाकरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। विकासखंड लक्सर में इस कार्य के लिए कुल 5 टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई भी पशु इससे वंचित न रह जाए।

टीकाकरण के बाद संबंधित ग्राम प्रधान से प्रमाण-पत्र भी लिया जाएगा, जिसमें यह प्रमाणित होगा कि क्षेत्र के सभी पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। डॉ. राजीव कुमार ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है, जिससे पशुओं में तेजी से संक्रमण फैलता है। इस बीमारी के कारण दूध उत्पादन में भारी गिरावट आती है, पशु लंगड़ा हो सकते हैं और मादा पशुओं में बांझपन की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण ही है। पशुपालकों से अनुरोध किया गया कि टीमें जब उनके गांव में पहुंचें तो वे पूरा सहयोग करें और अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं। यह अभियान पशुधन के स्वास्थ्य और किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
