बड़ेड़ी राजपूतान पुल के नीचे दर्दनाक हादसा: भारी गार्डर गिरने से दो कांवड़ियों की मौत, NHAI पर लापरवाही के आरोप

तेज प्रताप सैनी ने उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की
रुड़की (सुमित सैनी)। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार जनपद के बड़ेड़ी राजपूतान पुल के नीचे शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। पुल के नीचे रखे भारी गार्डर अचानक गिरने से दो कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
घटना को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ता तेज प्रताप सैनी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुल के नीचे भारी गार्डरों को असुरक्षित तरीके से रखा गया था, जिससे यह हादसा हुआ। उनका दावा है कि कांवड़ियों के साथ चल रहे डीजे की तेज आवाज और कंपन के कारण गार्डर खिसककर नीचे गिर गए। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।

तेज प्रताप सैनी ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि यदि निर्माण सामग्री को सुरक्षा मानकों के अनुरूप रखा गया होता, तो शायद दो निर्दोष श्रद्धालुओं की जान नहीं जाती। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी अधिकारी, ठेकेदार या संबंधित एजेंसी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक कांवड़ियों के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा और हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए स्थानीय लोगों ने भी निर्माण स्थलों और पुलों के आसपास सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
