जन्माष्टमी पर खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, ब्लिंकिट समेत कई प्रतिष्ठानों की जांच
खाद्य मानकों में खामियां मिलने पर ब्लिंकिट स्टोर, ब्रेड और टोफू निर्माता कंपनियों को नोटिस; दो मामलों में न्यायालय में वाद दायर
हरिद्वार (सुमित सैनी)। जन्माष्टमी पर्व के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने हरिद्वार जनपद में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड विनय शंकर पांडेय एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर चलाए गए अभियान के दौरान ऑनलाइन ई-प्लेटफॉर्म समेत विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 13 खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि ज्वालापुर स्थित ब्लिंकिट स्टोर के निरीक्षण में कई कमियां सामने आईं। प्रतिष्ठान में आवश्यक अभिलेख, कर्मचारियों के मेडिकल रिकॉर्ड, पानी की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड, तापमान मापन उपकरण तथा खाद्य पदार्थों के रखरखाव और भंडारण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाया गया। इस पर प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया।
इसके अलावा नोएडा की एक ब्रेड निर्माता कंपनी को लेबलिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में तथा एक टोफू निर्माता कंपनी को उत्पाद को “सोया पनीर” के नाम से बेचने पर नोटिस जारी किया गया। टीम ने मौके से देशी घी, ब्रेड, मिठाई और टोफू के चार नमूने जांच के लिए लिए।
दो मामलों में न्यायालय में वाद
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कांवड़ मेला के दौरान चंडीघाट स्थित शंकर ढाबा में खराब मसालों के इस्तेमाल और बिना खाद्य लाइसेंस संचालन के मामले में न्यायालय में वाद दायर किया है। वहीं खानपुर स्थित प्रहलाद स्वीट्स से लिए गए दूध के नमूने के अधोमानक पाए जाने के साथ अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण और बिना लाइसेंस संचालन के मामले में भी न्यायालय में वाद दर्ज किया गया है।
पिरान कलियर और रुड़की में भी जांच
अभियान के तहत पिरान कलियर, रुड़की शहर तथा विभिन्न होटल-रेस्टोरेंटों में भी खाद्य सुरक्षा टीमों ने निरीक्षण किया। इस दौरान तेल, मसाले, दूध, चायपत्ती और चाट मसाला सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए गए। बिना खाद्य लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नोटिस की कार्रवाई की गई।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 13 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
