
लक्सर (सुमित सैनी)। गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने लगा है। ऐसे में इंसानों के साथ-साथ दुधारू पशुओं पर भी भीषण गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। लक्सर के राजकीय पशु चिकित्सालय के वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने पशुपालकों से गर्मियों में पशुओं की विशेष देखभाल करने की अपील की है।

डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में पशुओं को लू और हीट स्ट्रेस का खतरा सबसे अधिक रहता है। अत्यधिक तापमान के कारण पशु बीमार पड़ने लगते हैं, जिससे दूध उत्पादन में कमी आती है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर पशु चिकित्सक उपलब्ध न होने के कारण कई बार पशुओं की स्थिति गंभीर हो जाती है और उचित उपचार न मिलने पर उनकी मृत्यु तक हो जाती है।

उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि पशुओं को छायादार स्थान पर रखें और दिन में तीन से चार बार ताजा एवं स्वच्छ पानी अवश्य पिलाएं। साथ ही संतुलित आहार देने के साथ कम तापमान के समय दिन में दो से तीन बार पशुओं को नहलाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पशुओं के आवास, खानपान और पानी का विशेष ध्यान रखकर उनके स्वास्थ्य और दूध उत्पादन को गिरने से बचाया जा सकता है।
पशु चिकित्सकों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल से पशुओं को भीषण गर्मी और हीट स्ट्रेस से सुरक्षित रखा जा सकता है।
