नैनो उर्वरकों से बढ़ेगी उर्वरक उपयोग दक्षता, किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर
नगला खिताब में इफको ने आयोजित किया किसान दिवस, धान की फसल में नैनो उर्वरक आधारित क्षेत्र प्रदर्शन का किसानों ने किया अवलोकन
लक्सर (सुमित सैनी)। इफको, हरिद्वार के तत्वावधान में 22 सितंबर 2026 को विकासखंड लक्सर के ग्राम नगला खिताब में प्रगतिशील किसान अमरदीप चौधरी के खेत पर धान की फसल में नैनो उर्वरकों पर आधारित क्षेत्र प्रदर्शन के तहत किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इफको नई दिल्ली के निदेशक प्रदीप चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि इफको उत्तराखंड के राज्य विपणन प्रबंधक सतीश कुमार रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील किसान एवं ग्राम प्रधान नगला खिताब नरेंद्र चौधरी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ इफको हरिद्वार के क्षेत्रीय अधिकारी विनोद कुमार जोशी ने अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य और नैनो उर्वरकों पर आधारित क्षेत्र प्रदर्शन के महत्व पर प्रकाश डाला। इफको रुड़की के क्षेत्र अधिकारी प्रियांश दीक्षित ने जल विलेय उर्वरकों तथा मृदा परीक्षण के संबंध में किसानों को विस्तार से जानकारी दी।
गन्ना विकास सहकारी समिति लक्सर के सचिव परमेंद्र कुमार ने गन्ना विभाग की प्रमुख योजनाओं एवं किसानों के हित में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
वहीं कृषि विज्ञान केंद्र धनोरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वाई.पी. सैनी ने कृषि विज्ञान केंद्र की योजनाओं, सेवाओं और तकनीकी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों से नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों का संतुलित एवं आवश्यकता के अनुसार इस्तेमाल करने की अपील की। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी हरिद्वार अमरेंद्र चौधरी ने कृषि विभाग की किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा एकीकृत उर्वरक प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण के साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।
इफको के राज्य विपणन प्रबंधक सतीश कुमार ने नैनो उर्वरकों सहित इफको के विभिन्न कृषि उत्पादों के उपयोग, लाभ और प्रयोग की सही विधि के बारे में किसानों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों का अनुशंसित मात्रा और उचित विधि से प्रयोग करने से उर्वरक उपयोग दक्षता में सुधार, उत्पादन लागत में कमी तथा मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण में सहायता मिल सकती है। उन्होंने जैव उर्वरकों एवं बायो डी-कंपोजर के उपयोग के बारे में भी किसानों को जागरूक किया।मुख्य अतिथि प्रदीप चौधरी ने मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण और कृषि में आधुनिक तकनीकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से उर्वरकों के संतुलित उपयोग और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कृषि को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए मृदा स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्रगतिशील किसान अमरदीप चौधरी के खेत में धान की फसल पर लगाए गए नैनो उर्वरक आधारित क्षेत्र प्रदर्शन का भ्रमण कराया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को प्रदर्शन से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी और आधुनिक उर्वरक प्रबंधन के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम के समापन पर इफको की ओर से किसानों को बायो डी-कंपोजर का निःशुल्क वितरण किया गया। कार्यक्रम में विकासखंड प्रभारी कृषि शेरपाल सिंह, इफको बाजार लक्सर के राहुल पंवार, एसएफए लक्सर आशीष गुप्ता, एफए नैनो रोहित नागर सहित 70 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने प्रतिभाग किया।
