ट्यूबवेल चोरियों से किसान परेशान, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल दो दिन में चार ट्यूबवेलों को बनाया निशाना, तांबे की केबल, स्टार्टर समेत कृषि उपकरण चोरी; किसानों ने रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की
धनौरी (सुमित सैनी)। धनौरी क्षेत्र में खेतों पर लगे ट्यूबवेल लगातार चोरों के निशाने पर बने हुए हैं। पिछले कुछ दिनों में ट्यूबवेल चोरी की कई घटनाएं सामने आने से किसानों में चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद चोरों का सुराग नहीं लगने से ग्रामीणों के बीच पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि करीब दो दिन पूर्व अज्ञात चोरों ने धनौरी क्षेत्र में तीन ट्यूबवेलों को निशाना बनाया था। चोरों ने ट्यूबवेलों से तांबे की केबल, स्टार्टर और अन्य जरूरी सामान चोरी कर लिया था। एक के बाद एक हुई इन घटनाओं से किसान अभी संभल भी नहीं पाए थे कि देर रात चोरों ने एक और ट्यूबवेल को निशाना बना दिया।जानकारी के अनुसार जसवावाला गांव निवासी ब्रिजेश सैनी के खेत में लगे ट्यूबवेल की दीवार काटकर अज्ञात चोर अंदर घुसे। इसके बाद चोरों ने ट्यूबवेल में रखा सामान चोरी कर लिया और मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित किसान ने पुलिस को सूचना दी और अज्ञात चोरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
लगातार खेतों में हो रही चोरी की घटनाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि खेतों में स्थित ट्यूबवेल अक्सर आबादी से दूर होते हैं और रात के समय वहां निगरानी का अभाव रहता है। इसी का फायदा उठाकर चोर आसानी से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ट्यूबवेलों से मोटर, केबल, स्टार्टर और अन्य उपकरण चोरी होने से किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
पूर्व की घटनाओं का खुलासा न होने से बढ़ी चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि ट्यूबवेल चोरी की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। पूर्व में भी क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में ऐसी वारदातें सामने आती रही हैं। किसानों का आरोप है कि यदि समय रहते चोरी की घटनाओं का खुलासा कर आरोपियों पर कार्रवाई होती तो शायद लगातार हो रही वारदातों पर अंकुश लगाया जा सकता था। अब किसानों ने पुलिस अधिकारियों से खेतों और ट्यूबवेलों वाले क्षेत्रों में रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध लोगों की निगरानी करने तथा पूर्व में हुई ट्यूबवेल चोरियों का जल्द खुलासा करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि पुलिस की प्रभावी कार्रवाई और नियमित गश्त से ही चोरियों पर रोक लगाई जा सकती है। फिलहाल लगातार हो रही ट्यूबवेल चोरी की घटनाओं ने किसानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस की जांच और कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
