नगर पंचायत इमलीखेड़ा के वार्ड नंबर-3 स्थित माजरी गांव में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज सैनी ने फीता काटकर किया झांकियों का शुभारंभ, देर रात तक भक्ति में डूबा रहा गांव
इमलीखेड़ा (सुमित सैनी)। नगर पंचायत इमलीखेड़ा के वार्ड नंबर-3 स्थित माजरी गांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नगर पंचायत इमलीखेड़ा के अध्यक्ष मनोज सैनी ने फीता काटकर झांकियों का शुभारंभ किया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं पर आधारित आकर्षक झांकियों का आयोजन किया गया।
जन्माष्टमी के अवसर पर गांव में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। रंग-बिरंगी सजावट, धार्मिक संगीत और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। झांकियों को देखने के लिए माजरी गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु पहुंचे।
कार्यक्रम का आयोजन युवा एकता मंच के नेतृत्व में किया गया। बच्चों और युवाओं में जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा।
आयोजन को सफल बनाने में युवा एकता मंच के सदस्यों और ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मास्टर रजनीश सैनी, सचिन सैनी, सागर, राहुल सैनी, रवीन्द्र सैनी, गौरव सैनी, अमित सैनी, नवीन सैनी, सौरभ सैनी, अजीत कुमार, मांगेराम, सोनू लाल, कार्तिक सैनी, राजबीर, अभिषेक सैनी, विकास सैनी, अंश सैनी, वंश सैनी, रोहन सैनी सहित अन्य युवाओं ने झांकियों की तैयारी, सजावट, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा में सहयोग किया।
आयोजकों ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देने वाला पर्व है। इस तरह के आयोजन ग्रामीणों को एकजुट करने के साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
ग्रामीणों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गांव में सकारात्मक माहौल बनता है और बच्चों व युवाओं को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।अंत में आयोजक टीम ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों, युवाओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। जन्माष्टमी के अवसर पर देर रात तक माजरी गांव भक्ति और उत्साह के रंग में डूबा रहा।
