अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के सशक्तिकरण और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली डॉ. संजना नायर को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें इश्कामा ग्लोबल चेंज कम्युनिटी (IGC) की ओर से प्रदान किया गया, जो समाज में सकारात्मक बदलाव और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत एक अंतरराष्ट्रीय मंच है।
लंदन (यूके) स्थित समाजसेवी, रेकी मास्टर, हिप्नोथेरेपिस्ट और काउंसलर प्रोफेसर एंब (डॉ.) अभिनाश के. बैंस द्वारा स्थापित इश्कामा समुदाय विश्व स्तर पर समग्र स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें डॉ. संजना नायर का नाम प्रमुख रहा।

डॉ. संजना नायर को यह सम्मान आर्ट और मूवमेंट थेरेपी के माध्यम से लोगों को मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने की दिशा में किए गए उनके महत्वपूर्ण कार्यों के लिए दिया गया। उन्होंने अपनी पहल के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं।
डॉ. नायर ने “सैफ्रोनेया ड्राइव” के तहत महिलाओं के बीच निःशुल्क मेंस्ट्रुअल कप वितरित कर मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य भी किया है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को मासिक धर्म से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करना है। साथ ही, मेंस्ट्रुअल कप के उपयोग से प्लास्टिक कचरे में कमी आने के कारण यह पहल पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देती है।
“Safroneya – The Journey Within” की संस्थापक डॉ. संजना नायर ने अपनी विभिन्न कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से देश भर के छात्रों, शिक्षकों और कई संस्थानों को लाभान्वित किया है। उनकी कार्यशालाओं का उद्देश्य लोगों को अपनी आंतरिक क्षमताओं को पहचानने, मानसिक रूप से सशक्त बनने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है।
इसके अलावा डॉ. नायर ने Safroneya Drive, Surwee Foundation और Project Baalikavidya जैसे संगठनों के साथ मिलकर कई सामाजिक पहलें भी चलाई हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप संचालित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने के साथ-साथ मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति से मुक्त कराई गई युवतियों और महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य भी किया जा रहा है।
डॉ. संजना नायर को मिला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना है, बल्कि उन सभी सामाजिक पहलों को भी प्रोत्साहन देता है जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
