हरिद्वार में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से नुकसान, जिलाधिकारी ने दिए आकलन के निर्देश
किसानों की फसलों की क्षति का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की तैयारी, क्षतिग्रस्त सड़कों को तत्काल सुचारू करने के निर्देश
हरिद्वार, (सुमित सैनी)। जनपद हरिद्वार में शुक्रवार सुबह अचानक मौसम बदलने से कई क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के कारण नुकसान होने की सूचनाएं सामने आई हैं। खराब मौसम से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ ही कई स्थानों पर पेड़ गिरने से भवनों और सड़क मार्गों पर भी असर पड़ा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पेड़ गिरने से सड़क मार्ग अवरुद्ध होने और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसे स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर गिरे हुए पेड़ों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया जाए।
इसके साथ ही तेज हवाओं के कारण क्षतिग्रस्त हुए भवनों और अन्य प्रभावित स्थलों का निरीक्षण कर नुकसान की स्थिति का आकलन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा एवं बचाव संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
किसानों की फसलों के नुकसान का होगा सर्वे
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित उपजिलाधिकारियों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिए कि ओलावृष्टि और तेज आंधी के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान का गंभीरता से आकलन किया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की क्षति का सर्वेक्षण कर नियमानुसार रिपोर्ट तैयार की जाए, जिससे पात्र किसानों को निर्धारित प्रावधानों के तहत मुआवजा एवं राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि फसलों को हुए नुकसान के आकलन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का सही आकलन करें और आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से पूरी करें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही, सड़क मार्गों को सुचारू करने और किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने की कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाए।
