धनौरी में खनन का खेल! स्कूल-कॉलेज के समय भी दौड़ रहे ओवरलोड वाहन खनन सामग्री से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और भैंसा-बुग्गियां बनीं परेशानी का सबब, ग्रामीणों ने जिम्मेदार विभाग की निगरानी पर उठाए सवाल
धनौरी (सुमित सैनी)। धनौरी क्षेत्र में खनन सामग्री के कथित परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र की सड़कों पर स्कूल-कॉलेज के समय भी खनन सामग्री से लदे ओवरलोड वाहन बेखौफ दौड़ रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और भैंसा-बुग्गियों के जरिए खनन सामग्री का परिवहन किए जाने से आम राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार सुबह स्कूल-कॉलेज जाने और दोपहर में छुट्टी के समय सड़कों पर विद्यार्थियों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे समय में भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को ऐसे संवेदनशील समय में वाहनों की निगरानी और जांच के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए। रवन्ने और वाहन क्षमता की जांच की मांग
क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया कि यदि खनन सामग्री का परिवहन नियमानुसार हो रहा है तो संबंधित वाहनों के दस्तावेजों और लोडिंग की जांच क्यों नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की कि वाहनों के पास मौजूद रवन्ने, खनन सामग्री के स्रोत, वाहन की निर्धारित क्षमता और वास्तविक लोड की जांच कराई जाए।
जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में खनन सामग्री से लदे वाहन लगातार नजर आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, खनन सामग्री का परिवहन वैध अनुमति और नियमों के तहत हो रहा है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल-कॉलेज के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर विशेष निगरानी की आवश्यकता है। उनका कहना है कि प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले ही प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जांच अभियान चलाने की मांग
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से धनौरी क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक खनन स्थलों, परिवहन किए जा रहे खनन पदार्थ, वाहनों के रवन्ने, वाहन क्षमता, ओवरलोडिंग और सामग्री के स्रोत की जांच की जानी चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन चालकों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
अब देखने वाली बात होगी कि धनौरी क्षेत्र में खनन सामग्री के कथित परिवहन को लेकर प्रशासन और संबंधित विभाग कब जांच अभियान चलाता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
