ढंढेरी ख्वाजगीपुर में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व
आकर्षक झांकियों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन, देर रात तक भक्ति में डूबा रहा गांव
ढंढेरी ख्वाजगीपुर (सुमित सैनी)। गांव ढंढेरी ख्वाजगीपुर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर गांव में भव्य धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां सजाई गईं। झांकियों को देखने के लिए ग्रामीणों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कार्यक्रम का आयोजन विपिन सैनी के नेतृत्व में किया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। रंग-बिरंगी सजावट, धार्मिक संगीत और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। समय-समय पर लगाए गए ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा।
आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सागर, मोनू शर्मा, राजवीर, कार्तिक सैनी, विकास सैनी, विनीत सैनी, विशु सैनी, सचिन सैनी और रोहन सैनी सहित अन्य युवाओं ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। युवाओं ने झांकियों की तैयारी, सजावट, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा।
आयोजक विपिन सैनी ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और आपसी एकता का संदेश देने वाला पर्व है। इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन ग्रामीणों को एकजुट करने के साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
ग्रामीणों ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि गांव में इस तरह के कार्यक्रम होने से सकारात्मक और धार्मिक वातावरण बनता है। साथ ही बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजक विपिन सैनी एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सभी सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। देर रात तक गांव में भक्ति, उल्लास और श्रीकृष्ण के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।
